मेरी साँसों की, वजह तू है
अब डर नहीं है क्युकी पनाह तू है
मेरी राहो की सिर्फ दिशा तू है
आंखे न मोडू मैं निशान तू है
तुझमें ही पाया है मैंने जीवन नया
जाऊं मैं और कहाँ सब तू ही है मेरा
(x2)
अब जो पाया है तो मैं समझा हूँ
जाना मैंने जीना है क्या...... (x2)
तेरे जैसे येशु न कोई है
राह हक़ और ज़िन्दगी सिर्फ तू ही है
तेरी हुज़ूरी में कमी सब पूरी हैं
और कुछ न मांगू मैं तू ज़रूरी है
तुझमें ही पाया है मैंने जीवन नया
जाऊं मैं और कहाँ सब तू ही है मेरा
(x2)
अब जो पाया है ,तो मैं समझा हूँ
जाना मैंने जीना है क्या ........(x4)
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