मेरा मसीहा स्तुति हो ……2.
हम्द ओ सन्ना करते रहे, जब तक हम जिन्दा रहे।….2.
कुपा करनेवाला, सदा तरस खानेवाला,
ह्रदय को भरनेवाला, प्रेम से भरा हुआ जो……………. ट
आदर महिमा तेरी, सदा स्तुति मे रहनेवाला,
सारंगी बलिदान चढाते हम, आराधना मे बसे……………. 2.
उठानेवाले दिन तक, सदा सच्चे रहनेवाला,
आवाज सुनकर आज़ाद करके, आनंद देनेवाला ………. 2.
सिष्ट से पहले मेरे कारण घायल हुआ,
पिताने मुझको नया जीवन देकर, जयघोषसे भर दिया…2.
None
None
None