कोई नहीं था मेरा
आंखों से आंसू ही गिरता
प्यार के लिए
हमेशा दिल ये तरसता
तब वचन मेरा प्यार बना - (x2)
परमेश्वर ही प्यार है
कोई नहीं था मेरा
आंखों से आंसू ही गिरता
प्यार के लिए
हमेशा दिल ये तरसता
अपनों ने तो ठुकराया
अपनों ने समझा नहीं
टूटे दिल को लेकर
हमेशा भटकते ही रहते
तब वचन मेरा प्यार बना - (x2)
वचन ही परमेश्वर है
अपनों ने तो ठुकराया
अपनों ने समझा नहीं
टूटे दिल को लेकर
हमेशा भटकते ही रहते
वचन का मन्ना खिलाके
हर दिन मुझे तृप्त करता
टूटे दिल को है जोड़ता
मन को शांति है देता
(x2)
None
None
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