यीशु आ घर दिल में तू बना,
दिल मेरा सुना तेरे बिना – 2
दुनिया में सच्ची खुशी नहीं,
मुश्किल में मेरी हैं जिंदगी – 2
यीशु आ घर दिल में तू बना,
दिल मेरा सुना तेरे बिना – 2
(1)
बेचैन दिल की पुकार हैं,
तुझ बिन ये जीवन लाचार हैं – 2
तुझसे प्रभु मुझको आस हैं,
तुझमें तो प्यार ही प्यार हैं – 2
तुझ बिन भलाई मेरी नहीं,
प्रभु तेरे जैसा कोई नहीं – 2
(2)
जीवन की हालत पे रो पढ़ू,
तू ही बता यीशु क्या करूं – 2
दुनिया के खुशियां गम से भरी,
धोखा ही धोखा है हर कहीं – 2
ठोकरें अब मैं न खाऊंगा,
दुनिया मे दिल न लगाऊंगा – 2
(3)
तुझसे अलग जिंदगी नहीं,
तुझमें हैं जीवन की हर खुशी – 2
अब मैं न जीवन गवाऊंगा,
तेरे लिए ही मैं जिऊंगा – 2
जो भी खोया तुझमें मैं पाऊंगा,
तुझमें मैं आनंद मनाऊंगा – 2
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