अपने हाथों से बनाया है
मुझे मेरे खुदा ने
अपनी सूरत में बनाया है
मुझे मेरे खुदा ने
कितनी रहमत, कितनी ताक़त
कैसी है उसकी मोहबत
जब मैं नहीं था, तब भी मैं था
उसकी नज़र में था मैं सदा
युहीन अचानक नहीं आ गया
उसके इरादे से मैं बन गया
खुद को ना तन्हा समझना कभी
बेअसरा ना समझना कभी
वो जिसने दी है तुम्हे नयी ज़िंदगी
है नाम उसका येशू मसीह
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