चखकर मैंने जाना है,
यहोवा कैसा है भलाउद्धारकर्ता की शरण में,
मैं आके धन्य हुआ
जीवन भर मैं तेरी,
स्तुति किया करूँगाउत्तम पदार्थों से तूने,
मुझको है तृप्त कियाचखकर…
जीवन भर मैं तेरी,
करूणा को ना भूलूँगासंकट में जब मैं पड़ा,
तूने आके सहारा दियाचखकर…
प्रतिकूल परिस्थिति में,
सामर्थ मैंने तेरी देखीअपने वायदों को तूने,
मेरे जीवन में पूरा कियाचखकर…
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