ऐ खुदा तेरे शरण सबसे प्यारा है
तेरे बिना हर पल यहाँ अधूरा लगता है
तेरे शरण में कितने ही लोग आते जाते है
कोई आता कोई जाता कोई भूल जाता
ले चल मुझे तू वही जीवन की राहों पर
मिट्टी हूँ मैं कुछ भी नहीं तेरे हाथों की
टूटे हुए दिल तेरी शरण में खुशियाँ पाते है
हर एक भटके मुसाफिरों को तू ढूँढ़ लाता है
उन आँसुओं को लेकर तू एक गीत बनाता है
जीवन सफर में वह गीत हम गुनगुनाते है
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