हे यहोवा, मैं तुझें दिल से सराऊंगा
तूने मुझे खींच कर संकट से हैं निकाला
मेरे शत्रुओं को मुझपर आनंद करने नहीं दिया
मैंने तेरी दोहाई दी, तूने चंगा किया
तूने मेरे प्राण को अंधलख़ से बचाया
तूने मुझे जीवित रखा, कबरे में पड़ने से बचाया
क्रोध उसका छोटा भर का, और खुशियाँ जीवन भर की
रात में गर रोना पड़े तो भोर को आनंद मिलेगा
मेरे विलाप को तूने नित्य में हैं बदल दाला
मेरे दुःख के वस्त्र हटाकर, तूने पेरम का बांधा हैं बादा
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