तूने ही रचाया , तूने ही बनाया
तेरे ही फज़ल से मैं जियूं
जीवन न मेरा है , जो है सब तेरा है
तेरे साये में जीता रहूं
न हूँ मैं मेरा , जैसा हूँ , हूँ मैं तेरा
आराधना बनकर आया हूँ
जीवन क़ुरबानी में मैं लाया हूँ
मुझको छूकर तू करले क़बूल
तुझसे मिलने की चाह लाया हूँ
तूने जो चुना है , जीवन जल दिया है
तेरी महिम मैं करता रहूं
दिल की ये दुआ है , मेरा हाफ़िज़ खुदा है
मेहफ़ूज़ मैं तुझमें रहूं
न हूँ मैं मेरा , जैसा हूँ , हूँ मैं तेरा
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