जय हो प्रभु येशु राजा की,
जय हो हमारे मुक्ति दाता की..2.
जय हो वो सबसे महान,
वो सर्वशक्तिमान
गुनाहों से छुड़ाया, अपना बनाया
मुझको है जयवंत किया,
मुझे हरी-हरी चराईयों में चराया
जीवन का जल है दिया।
इसलिए नाचता हूँ….नाचता हूँ…
हाथ उठाता हूँ……उठाता हूँ
यीशु ने जय दी है मुझे महिमा में
उसकी ही गाता हूँ।
ये वचन उसका कहता,
वो सदा साथ रहता,
चाहे हो आंधी तूफान
छोड़े चाहें सभी, पर वो न कभी छोड़ता
प्रेम है उसका महान….
इसलिए नाचता हूँ….नाचता हूँ…
हाथ उठाता हूँ……उठाता हूँ
यीशु ने जय दी है मुझे महिमा में
उसकी ही गाता हूँ।
Click a stanza to preview here.