कैसा काम मसीह ने कर दिया!
मुझे गुनाह से बरी कर दिया।
कैसे तेरा शुक्र करूँ मैं,
मुझे नया आदमी कर दिया।
उसके फ़ज़ल से, उसके वसीले से,
सबके गुनाह माफ़ किए जाते।
मुजरिम हो कैसा, गुनहगार कैसा,
ईमान जो लाए,
छुटकारा उसका अभी कर दिया।
ईमान लाना दिल से होता है,
और मुँह से इकरार किया जाए।
ईमान जो लाएगा,
शर्मिंदा न होगा।
मरे हुओं से जी उठेगा,
मौत को उसने ज़िंदगी कर दिया।
कैसा काम मसीह ने कर दिया!
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