कुछ मिले या ना मिले प्रभुकी स्तुति हो
वह बड़े और मैं घटूं प्रभु की स्तुति हो
जीवन की राहों में चलता रहुँगा मैं
प्रभु की स्तुति करते हुए
सुख में रहूँ या दुःख में रहूँ प्रभु की स्तुति करू
देने के द्वारा प्रभु की स्तुति करता रहूँगा सदा
प्रभु के भंडार में अपना दशमांश लेके आऊँ सदा
आनेवाला है यीशु मसीह बादलों पर होके सवार
ले जायेगा अपने साथ मुझे और करेगा प्यार
Click a stanza to preview here.