है जो पाक मेम्ना
सूली उठाये चला
कोड़ों की मार खाके तूने
अपनी जान दी है
बेवजह मेरे गुनाह के खातिर
मारा गया वह मेरी वजह के खातिर
कुर्बान ....कुर्बान ....कुर्बान ....
हुआ मेरा खुदा
(x4)
बेवजह मेरे गुनाह के खातिर
मारा गया वह मेरी वजह के खातिर
काटों का ताज ,सर पे लिये तू
सूली था चढ़ा
तुझे मारा गया
तुझे छेदा गया
फिर भी तूने कुछ ना कहा
मेरे खातिर तूने मसीह
कितना कुछ सेह लिया
कुर्बान ....कुर्बान ....कुर्बान ....
हुआ मेरा खुदा
(x4)
बेवजह मेरे गुनाह के खातिर
मारा गया वह मेरी वजह के खातिर
लहू का वोह बहना
तेरा सब सेहना मेरे लिए , मेरे लिए
उद्धार जीवन मैंने है पाया
तुझसे खुदा , तुझसे खुदा
माफ़ करदे सबको ए पिताः
कह गया तू सबसे मोहब्बत करना
ये सिखाया तूने
कुर्बान ....कुर्बान ....कुर्बान ....
हुआ मेरा खुदा
(x4)
बेवजह मेरे गुनाह के खातिर
मारा गया वह मेरी वजह के खातिर
आराधना करते तेरी
सर को हमारे झुकाते हुए
घुटनो पर भी हम आते हुए
सारे मिलकर ये गाते सभी
कुर्बान ....कुर्बान ....कुर्बान ....
हुआ मेरा खुदा
(x4)
बेवजह मेरे गुनाह के खातिर
मारा गया वह मेरी वजह के खातिर