ले चलता है ...
प्रभु मुझे ले चलता है
दिन प्रतिदिन ,
फज़ल से मुझे वो ले चलता है
भूमि पे जितने भी दिन है मेरे
मेहफ़ूज़ रखेगा पंखो तले
चिंता नहीं , कोई डर भी नहीं
मेरा भविष्य है उसके हाथों में
ले चलता है ...
प्रभु मुझे ले चलता है
दिन प्रतिदिन ,
फज़ल से मुझे वो ले चलता है
घोर अंधकार से भरी हो राहें
अपने भी जब मुझको छोड़ जाए
साथ चले हमसफ़र बनके
पंखों की आड़ में छुपाये मुझे
ले चलता है ...
प्रभु मुझे ले चलता है
दिन प्रतिदिन ,
फज़ल से मुझे वो ले चलता है
मेरे दिल की सारी व्याकुलता को
औरों से बढ़कर जानता प्रभु
चिंताओं में सारी मुश्किलों में
शांति से दिल को भरता प्रभु
ले चलता है ...
प्रभु मुझे ले चलता है
दिन प्रतिदिन ,
फज़ल से मुझे वो ले चलता है