मेरे मन कर ले तारीफ
तारीफ के योग्य प्रभु है
उसने किये है बड़े बड़े काम
उसकी हो महिमा हमसे सदा
(x2)
भेंट जो तूम लाये हो
करलो उससे तुम दान
(x2)
दिल से चढ़ायें मिल कर हम
धन्यवादों के ये बलिदान
(x2)
मेरे मन कर ले तारीफ
तारीफ के योग्य प्रभु है
उसने किये है बड़े बड़े काम
उसकी हो महिमा हमसे सदा
भेड़ों से और बैलों से
बेहतर यह बलिदान
(x2)
दिल से चढ़ायें मिल कर हम
धन्यवादों के ये बलिदान
(x2)
मेरे मन कर ले तारीफ
तारीफ के योग्य प्रभु है
उसने किये है बड़े बड़े काम
उसकी हो महिमा हमसे सदा
तारीफों में विराजमान
प्रभु है कितना महान
(x2)
दिल से चढ़ायें मिल कर हम
धन्यवादों के ये बलिदान
(x2)
मेरे मन कर ले तारीफ
तारीफ के योग्य प्रभु है
उसने किये है बड़े बड़े काम
उसकी हो महिमा हमसे सदा
Click a stanza to preview here.