न आँखों ने देखा,
न कानों ने सुना,
न दिल में आई
वो सब खुदा ने,
जो अपने मोहब्बत
करने वालों के वास्ते,
तैयार की…
रूह ही रूह में, जाहिर होंगी
रूह के वसीले से, जाहिर होंगी
वो सब खुदा ने…
अब हमने तेरा कलाम पाया, ऐ खुदा,
ताकि जान सकें, जो हमें खुदा से मुफ्त मिला है।
रब की समझ को न, समझा कोई
क्या उसके दिल में न, जाना कोई
वो सब खुदा ने…
यहाँ पर गीत को हिंदी में भावानुवाद किया गया है ताकि मूल भावना बरकरार रहे।
Click a stanza to preview here.