रब्ब की होवे सन्ना
हमेशा रब्ब की होवे सन्ना
रब्ब की होवे मदह सराई
उसके नाम की सन्ना
रब्ब के घर मैहोवे सिताइश
उसकी हम्दो सन्ना
कामो मे है वो कैसा कादिर
उसकी कुदरत बता
जय के जोर से फूंको नरसिंगे
बरबत बीन बजा
तार दार साजो पे रागनी छेडो
डफ और तबला बजा
बांसुरी पैर सुना सुरे सुरीली
झन झन झांज बजा
सारे मिलकर तली बजावो
गाओ रब्ब की सन्ना
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