रोगों से चंगाई तेरे ही पास है खुदा
हर दर्द को भरता तू ही खुदा
टूटे दिलों को फिर से बनाता खुदा
हर मर्ज़ की दवा तू बनता खुदा
यीशु तू ने मुझे छूकर चंगा किया
अपने वचन को भेजकर चंगा किया
तेरे कोड़े खाने से मैं चंगा हुआ
बहते लहू से आज मैं चंगा हुआ
हन्ना की गोद को तू ने ही भरा
शूनेमीन के बेटे को फिर से जीवित किया
नामान के कोढ़ को तू ने शुद्ध किया
हिजकिय्याह को तू ने जीवन बढ़ाकर दिया
यीशु तू ने मुझे छूकर चंगा किया
अपने वचन को भेजकर चंगा किया
तेरे कोड़े खाने से मैं चंगा हुआ
बहते लहू से आज मैं चंगा हुआ
याईर की बेटी को तू ने खड़ा किया
बहता था लहू जिसका उसको छूआ
अँधे की आँखों को तू ने देखता किया
कुबड़ी को तू ने तुरन्त सीधा किया
यीशु तू ने मुझे छूकर चंगा किया
अपने वचन को भेजकर चंगा किया
तेरे कोड़े खाने से मैं चंगा हुआ
बहते लहू से आज मैं चंगा हुआ
Click a stanza to preview here.