तेरे बिना येशु मसिह
यह जीवन नहीं है गवारा
बरकत बहार तू ही मेरी
और तू ही है सहारा
(2)
तेरी राहों पर मैं तो चलूँगा सदा(2)
तेरे बिना येशु मसिह
यह जीवन नहीं है गवारा
पाक दिल से हमेशा ऐतबार करूँ
सच्चे मनसे दुश्मन को भी में बॉक्स दू
मोहोब्बत से रेहम से, मैं रेहमत ही दू
मैं करूँगा इबादत सदा
तेरे बिना येशु मसिह
यह जीवन नहीं है गवारा
बरकत बहार तू ही मेरी
और तू ही है सहारा
झूटी उम्मीद अफ़ज़ा मैं अब ना करूँ
लोगों को खुश करनेवाला ना मैं बनूं
बहकावे से दूर रेह्के
दिल से मैं करूँगा तौबा
तेरे बिना येशु मसिह
यह जीवन नहीं है गवारा
बरकत बहार तू ही मेरी
और तू ही है सहारा
अपने अल्फ़ाज़ों से नहीं
अपने कामों से काबिल बनो
(2)
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