नाराज़गी में करे तू देरी
प्यार से ढांके मेरी गलतियां
राखे मुझको अपने पंखों तले
हर आंधी में, हर तूफान में
जैसा भी मैंने था मुझे अपना लिया
तू ही है मेरा सहायक पिता
तेरी दया कभी कम ना होगी
रख्ता ना तू मेरे पापों का हिसाब
अंजान था तुझसे तब भी किया तूने प्यार
मेरा हृदय तू ने है खोला
गुनाहों में मुझे कभी ना तौला
जैसा भी मैंने था मुझे अपना लिया
तू ही है मेरा सहायक पिता
तेरी दया कभी कम ना होगी