ऊँचे स्वर्ग में दूत गाते एक स्वर में
और नीचे यहां हम गाते एक स्वर में
ऊँचे स्वर्ग में दूत गाते एक स्वर में
और नीचे यहां हम गाते एक स्वर में
सब मिलकर गाते हैं हाल्लेलूयाह
तेरा ही दण्डवत करने को
राजा सिंहासन छोड़कर झुकते हैं
तेरी आराधना करने को
प्राचिन मुकुट रखकर झुकते हैं
हम भी यह गाते हैं
पवित्र पवित्र है तू
हाल्लेलूयाह