मेरा येशू है कमाल का (4)
उसके जैसा कोई नहीं (4)
बिन पानी वो प्यास बुझाता
बिन रोटी वो भूख मिटाता (4)
वो ही जीवन जल है यारों
वो ही जीवन रोटी
मेरा येशू है कमाल का (4)
उसके जैसा कोई नहीं (4)
बिना सहारे पानी पे चलता
तूफ़ानों को भी शांत करता (4)
आँधी भी उसकी बात माने
तूफान शांत हो जाए
मेरा येशू है कमाल का (4)
उसके जैसा कोई नहीं (4)
मेरे लिए ही मारा गया
मेरे लिए ही सूली उठाया (4)
तीसरे दिन फिर ज़िंदा उठकर
मौत को उसने हराया
मेरा येशू है कमाल का (4)
उसके जैसा कोई नहीं (4)
Click a stanza to preview here.