हर जुबां गाये तेरी स्तुति
आराध्य है येशु
स्तुति बलिदान , अर्पण करते
और धन्य कहते है
योग्य तू येशु
सारी स्तुति के योग्य तू
योग्य तू योग्य तू
परमेश्वर का मेमना योग्य तू
अनंत प्रेम करता मुझसे तू
पाक लहू से दी है नजात
मृत्य पर जीवंत हुआ तू
जिंदा है तू मेरे प्रभु
चंगा करता है मेरा येशु
मार खाने से दे है शिफा
आसरा तू मेरा राजा
कितना मधुर है मेरे जीवन में
Click a stanza to preview here.