चुप है चंदाचुप है तारेजन्मा है मशिहारात की खामोशी मे (6)
कैसी है चर्नीकैसी है रातेबेथलेहम मई आया मशिहाले कर खुशी का खजाना
रात की… (6)
रातो मई आ कररातो मई जा करदूतो ने सबको जगायासॅंटी का दाता मुक्ति का स्वामीहुमको बचाने आया.