धन्यवाद सदा प्रभु ख्रिस्त तुझे,
तेरे सन्मुख शीश नवाते हैं
हम तेरी आराधना करने को,
दरबार में तेरे आते हैं
धन्यवाद सदा प्रभु ख्रिस्त तुझे
धन्य वीरों का इस मंडली के,
तेरे नाम पे जो बलिदान हुए -2
हम उनके साहस त्याग को ले -2
नित्य आगे बढ़ते जाते हैं
धन्यवाद सदा प्रभु ख्रिस्त तुझे
अपराध क्षमा कर दयानिधि,
बल पौरुष दे अगुवाई कर -2
फिर अपने तन मन जीवन को -2
वेदी पर आज चढ़ाते हैं
धन्यवाद सदा प्रभु ख्रिस्त तुझे
जिस क्रूस पर तेरा रक्त बहा,
संसार के पापी जन के लिए -2
उस क्रूस ध्वजा से प्रेम तेरा -2
हम दुनियां में फैलाते हैं
धन्यवाद सदा प्रभु ख्रिस्त तुझे...