धीरज रख वो रेहमत की वर्षा बरसा भी देगा,
जिस मालिक ने दर्द दिया है वही दवा भी देगा,

(1)
तोड़ कभी ना आस की डोरी
खुशियां देजा भर भर भोरी,
मगर वो गम की परछाई से तुझे डरा भी देगा,
जिस भगवन ने दर्द दिया है वही दवा भी देगा,

(2)
जिसके हाथ में सबकी रेखा
जिसने उसकी और ही देखा,
सही समय आने पर वो दर्शन करवा भी देगा,
जिस मालिक ने दर्द दिया है वही दवा भी देगा,

(3)
बढ़ जाएगी हिम्मत तेरी
घटेगी जब घनघोर अँधेरी,
बूंद बूंद तरसने वाला अमृत रस भी देगा
जिस मालिक ने दर्द दिया है वही दवा भी देगा,

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