और वह खुदा के पास थावह शब्द खुद खुदा ही थापहले से उसके साथ थाउसमें ही सब कुछ पैदा हुआउसके बिना तो कुछ भी नहीं थाथी उस शब्द से ही जिंदगीवह ही इंसान की रोशनी थीवह नूर चमका, अंधेरों मेंअंधेरा उसको समझा न था