मसीहा ने सूली उठाई न होती
हमारी तुम्हारी (2) रिहाई न होती
मसीहा ने सूली उठाई न होती (2)

उसे ज़ालिमों ने हंसी में उड़ाया (2)
काँटों का ताज़ उसके सर पे चढ़ाया (2)
मसीहा की जो जग में (2) हंसाई न होती
मसीहा ने सूली उठाई न होती (2)

हमारे गुनाहों को मसीह ने मिटाया (2)
पापों के बंधन से, हमको छुड़ाया (2)
हमारी सज़ा उसने (2) उठाई न होती
मसीहा ने सूली उठाई न होती (2)

हमारे ही खातिर वो दुनियां में आया (2)
क्रूस पर अपना खून बहाया (2)
लहू की जो धारा (2) बहाई न होती
मसीहा ने सूली उठाई न होती (2)

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