पाक रूह की आग के शोले, भेज आसमान खोल कर,
मेरा इनाम पाक रूह, भेज आसमान खोल कर
1. जिसमे मसीहा का रूह नहीं, येशु की दुल्हन में शामिल नहीं,
मुझमे तू अपना ज़ोर भर, भेज आसमान खोल कर
2. रूहे पाक मेरा असासा है, दुखों में देता दिलासा है,
कूवत से मामूर कर, भेज आसमान खोल कर,
3. रुहे पाक तेरा इंतजार है, तेरे लिए दिल बेकरार है,
मेरी ज़रूरत पूरी कर, भेज आसमान खोल कर,