रूह पाक की सब बरकतें
मेरी ज़िन्दगी में उतार दे -2
मुझे रास्ती का लिबास दे -2
जो मेरी खुदी को मार दे
रूह पाक की सब बरकतें
मेरी ज़िन्दगी में उतार दे
मैला हूँ सर से पाँव तक
अपने गुनाहों की गर्द से -2
मुझे धो के अपने खून से
मेरा रंग-ओ-रूप निखार दे
बेदिनियों की ये आंधियां
मेरा पत्ता पत्ता गिरा गईं -2
मैं तेरा लगाया दरख़्त हूँ
मुझे छू के रंग-ए-बहार दे
तुझे छोड़कर मेरे नासरी
हुआ उलझनों का शिकार मैं -2
मुझे रंग के अपने रंग में
मेरी आकबत को संवार दे