सारी सृष्टि के मालिक तुम्हीं हो
सारी सृष्टि के रक्षक तुम्हीं हो
करते हैं तुझको सादर प्रणाम
गाते हैं तेरे ही गुण गान
हा... हा... हा... हालेलुय्याह (3) आमीन....
1.सारी सृष्टि को तेरा सहारा
सारे संकट से हमको बचाना
तेरे हाथों में जीवन हमारा है
अपनी राह पर हमको चलाना
2.हम है तेरे हाथों की रचना
हम पर रहे तेरी करुणा
तन, मन, धन हमारा तेरा है
इन्हें शैतान को छूने न देना
3.अब दूर नहीं है किनारा
धीरज को हमारे बढ़ाना
जीवन की हमारी इस नैय्या को
भव सागर में खोने न देना