स्वर्ग की ओस, तू मेरी आत्मा, पर बरसने दे
स्वर्ग की ओस अब मुझपर बरसा दें
हे पवित्र आत्मा मुझ पर कब्ज़ा कर
स्वर्ग की ओस तू मुझ पर बरसा दें
आऊं जब, तेरे सन्मुख, प्रकाशित मुझे कर
अपने आनंद से तू मुझको भर
हे पवित्र प्रभु मुझ पर हो अति कृपाल
अपने हाथों से मुझको संभाल
संकट की, घडी में जब, पुकारूँ मैं तुझे
मुझ पर अपनी करुणा बरसा
हे परमेश्वर मुझे कभी अकेला मत छोड़
हो उपस्थित हर दम मेरे साथ