यहोवा आशीष दे ,
मेहफ़ूज़ रखें ,
उसका नूर बरसे ,
हम पर रेहम करें
सदा उसकी नज़र ,
मेरी ओर रहें ,
और सुकून मिले ,
(2)
आमीन ....... , आमीन ...... (3)
मेहरबान वो तुझ पर हो
हज़ारों पुश्तों तक
तेरा घराना औलादें
उनकी भी औलादें
तेरी ढाल हो , चट्टान हो
तेरा गढ़ हो , पासबाँ हो
तेरा इनाम , वो ईमान वो
यीशु ही ....यीशु ही ....
(2)
है हमेशा
तेरे आगे तेरे पीछे तुझे घेरे
हाथ थामें तुझमें ही
संग तेरे , संग तेरे
हर सवेरे
हर शाम में तेरे आने जाने में
हर गम में खुशियों में
यीशु है तेरे लिए (4)
आमीन ....... , आमीन ......