यीशु तेरे लहू की धार से
मेरे पाप सारे धुल गए
तेरी सलीब में छुपे
सब राज़ मुझ पर खुल गए (2)
मैंने ये जान लिया है कि
तू ही प्रश्तिश के लायक है (2)
जो सब चीज़ों से से बढ़ के करे
तुझे प्यार, वो तेरे लायक है
पहला दर्ज़ा जब तुझको दिया
मुझे चैन और राहत मिल गए
गर तू न मरता मेरे लिए
मैं जी न पाता तेरे लिए (2)
तूने कीमत देके खरीद लिया
मेरा हर एक पल अब तेरे लिए
अब मौत का खौफ़ नहीं मुझको
ज़िन्दगी के मालिक मिल गए
तू जिंदा है ताबिन्दा है
तूने मोहर कब्र की तोड़ी है (2)
हमने भी जीवन पाने को
अब प्रीत तेरे संग जोड़ी है
जो कुछ भी माँगा जब तुझसे
रहमत के दर सब खुल गए